विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न

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विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न

*(गाजीपुर से चंदन शर्मा)*

गाजीपुर | जनपद मुख्यालय गाजीपुर स्थित सेंट जान्स स्कूल के सहयोग से विद्यालय परिसर में पूर्वांचल ग्रामीण चेतना समिति के द्वारा विश्व विकलांग दिवस का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में गाजीपुर. मऊ.बलियां जनपद के बिभिन्न विद्यालयों से आये मूक बधिर नेत्रहीन बच्चो समेत अन्य दिब्यांग जनों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी भू राजस्व अजय कुमार थे।कार्यक्रम में संजय नारायण सिंह क्षेत्रीय प्रमुख युनियन बैंक आफ इंडिया मुख्यचिकित्साधिकारी डा गिरिश चन्द्र मौर्य. नरेन्द्र विश्वकर्मा विकलांग जन विकास अधिकारी. फादर जुलियन.फादर जान मसीह.फादर गुरू संतराज प्रधानाचार्य सेंट जान्स स्कूल गाजीपुर. फादर पी विक्टर प्रधानाचार्य हार्टमन इण्टर कालेज हार्टमन पुर.सिस्टर संध्या.सिस्टर साधना. सिस्टर अभया.सिस्टर ब्रिजिट समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में खेल कुद एवम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।जिसमें दिब्यांगो ने बढ चढ कर भागीदारी करते हुवे अपनी प्रतिभा हिम्मत एवम कौशल का परचम लहराया।कार्यक्रम के प्रथम चरण में आयोजित खेलकूद की विभिन्न प्रतियोगिताओं का उद्घाटन यूनियन बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय नरायण सिंह के द्वारा किया गया।इन प्रतियोगिताओं में50 मीटर 100 मीटर दौड.ट्राई सायकिल. चम्मच दौड.मेढक दौड.बैशाखी दौड.लाठी दौड का आयोजन किया गया।इसमें दिब्यांग एवम बयस्कों ने बढ चढ कर हिस्सा लिया।इस अवसर पर मैदान का दृश्य अत्यंत रोमांचक था।यैसा लग रहा था जैसे प्रतिभागीयों ने अपनी शारीरक अक्षमता से दो दो हाथ करने की ठान ली थी।उत्साह और प्रसन्नता उनके चेहरे पर साक्षात छलक रही थी।
मुख्य अतिथि के हाथो पुरस्कार पाकर विजयी प्रतिभागियों के चेहरे खुशी से खिल गये थे।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।जिसमें प्रार्थना. नृत्य. जागृति. कव्वाली. सामूहिक नृत्य समेत अनेक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए दिब्यांगो ने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा की दिब्यांगो को समाज में स्वीकार्यता मिलनी चाहिए।उन्हें दया की नहीं बल्कि समानभाव की आवश्यकता है।शिक्षा से ही आगे बढने की शक्ति मिलती है।किसी भी चुनौती के सामना के लिए शिक्षा ही एक मात्र प्रबल साधन है।उन्होंने दिब्यांगो को शिक्षा की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में परिसर में उपस्थित लगभग 1000 दिब्यांगो को भोजनोपरांत कम्बल एवम उपहार वितरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन पिंटू यादव और साधना कुमारी के द्वारा किया गया।
अंत में संगीता कुमारी ने सभी के प्रति आभार ब्यक्त किया गया।

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