तकनीकी चूक से विकलांग की छीनी सभी सुविधाएं भिक्षावृत्ति कर अपना भरण पोषण कर रहा है विकलांग किसी ने नहीं सुनी फरियाद

तकनीकी चूक से विकलांग की छीनी सभी सुविधाएं भिक्षावृत्ति कर अपना भरण पोषण कर रहा है विकलांग किसी ने नहीं सुनी फरियाद
हरदा
हरदा जिले की तहसील हंडिया में नगर में भिक्षावृत्ति कर अपना भरण-पोषण करने वाले विकलांग को शासन जहां एक ट्राईसाईकिल की सुविधा प्रदान कर रही है वहीं सरकारी नुमाइंदों की एक छोटी सी गलती के कारण 2 साल से उसकी सारी सुविधाएं बंद करने से वह ग्राम पंचायत तहसील कार्यालय के चक्कर काट न्याय की गुहार लगा रहा है ऐसा ही एक मामला हंडिया में सामने आया जहां हरिदास पिता राम प्रसाद चौरसिया उम्र 54 वर्ष दोनों पैरों के साथ-साथ एक हाथ से भी विकलांग होने से हरिदास को 5 वर्ष पूर्व जनपद पंचायत द्वारा ट्राईसाईकिल दी गई थी 2 वर्ष पूर्व हरिदास के खाते में 50 कुंटल गेहूं बेचे जाने की छोटी सी गलती हरिदास के लिए परेशानी का सबब बन गई हरिदास का कहना है कि आज तक 50 किलो गेहू भी उसने कभी नहीं लिया उसके खाते में 50 कुंटल बेचे जाने की एंट्री के परिणाम स्वरुप उसका गरीबी रेखा का राशन कार्ड तो बंद हुआ ही साथ में उसे जो ₹400 प्रतिमाह पेंशन मिलती थी वह भी हाथ से चली गई अब यहां वहां से भिक्षावृत्ति कर अपना भरण-पोषण करना हरिदास की मजबूरी बन गई है हरिदास का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने हडिया तहसीलदार अर्चना शर्मा को अवगत कराया जिस पर तहसीलदार ने सोसायटी संचालक को राशन देने के निर्देश दिए बाबजुद भी हरिदास को राशन नहीं मिल रहा है उधर सोसायटी संचालक कैलाश चौरसिया का कहना है कि हरिदास के संबंध में विभाग को पत्र व्यवहार किया जा चुका है अभी तक राशन कार्ड शुरू करने के निर्देश नहीं मिले हैं उधर ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कई किसान हैं जिनके खाते में 50 कुंतल गेहूं तूले गए जिन्हें आज भी गरीबी रेखा में नाम कटने के बाद पुनः जोड़ दिए गए और जो आज भी शासन की योजना का धड़ल्ले से फायदा ले रहे हैं जो पात्र गरीब है आज भी शासन की योजना से वंचित रह कर दर-दर भटकने को मजबूर है

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