210 सरकारी शालाएं बनेगी जिले के बाकी शालाओं के लिए उदाहरण

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210 सरकारी शालाएं बनेगी जिले के बाकी शालाओं के लिए उदाहरण
बड़वानी 22 दिसंबर/ कलेक्टरेट कार्यालय के सभागृह में आज शिक्षा विभाग की विशेष बैठक आयोजित की गयी, जिसमें जिले के चिन्हित 210 सरकारी शालाओं में 4 प्रमुख गतिविधियों यथा प्रार्थना सभा, पुस्तकालय, बाल सभा, बाला (बिल्डिंग एज अ लर्निंग एड) पर केन्द्रित कार्य कर उसे बाकी शालाओं के लिए उदाहरण के रूप में तैयार करने की रणनीति पर विचार हुआ। इस कार्य के जरिये ये शालाएं अपने आसपास के शालाओं के लिए न केवल सीखने-समझने बल्कि उन्हें शाला की प्रमुख गतिविधियों के प्रभावी संचालन करने हेतु प्रोत्साहित करने का केंद्र भी बनेगे। इन शालाओं में नवाचारी गतिविधियों को अपनाकर बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार, शाला-समुदाय संबंध को और बेहतर बनाने एवं शाला में अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास किये जायेंगे। इस कार्य को शिक्षा विभाग एवं सभी स्वयंसेवी संस्थाएं साथ मिलकर करेगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री अमित तोमर ने बेहतर कार्य करने वाले शालाओं से सीखने एवं आपसी समन्वय से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। चुनौतियों की वजाए जिले में चल रहे अच्छे प्रयासों को अपनाकर बेहतर करने की मंशा से शिक्षक कार्य करेंगे तो निश्चित तौर से अच्छे परिणाम आयेंगे। उन्होंने बच्चों की दक्षता संवर्धन एवं शाला की सभी प्रमुख गतिविधियों को ठीक एवं प्रभावी तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अंकित अस्थाना ने शाला स्तर पर बाला एवं पुस्तकालय के लिए किये प्रयासों के लिए सराहना करते हुए कहा कि इसका अधिकाधिक इस्तेमाल कर बच्चों को सीखने में हो। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी स्वयंसेवी संस्थाओं को आपसी समनव्य से कार्य करते हुए जिले के विकास में अपना अधिकतम योगदान देने को कहा।
बैठक के दौरान आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत आगामी गतिविधियों की जानकारी नीति आयोग की सहयोगी संस्था पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रमुख अभिषेक रंजन द्वारा साझा की गई।
बैठक में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य श्री विवेक पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर अंशु ज्वाला, जिला शिक्षा अधिकारी श्री महेश निहाले, जिला परियोजना समन्वयक श्री संजय तोमर, श्री महेंद्र लोनारे, रूम टू रीड, प्रथम संस्था के प्रतिनिधि सहित कई अन्य उपस्थित थे।