कोर्ट के आदेश के बाद भी साढ़े चार साल से अपनी बेटियों से दूर हूँ

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एक माँ की दर्दभरी गुहार,

इंदौर। शहर की स्कीम नंबर-74, विजय नगर निवासी मिनी सूद ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से वह अपनी दोनों बेटियों से अलग रह रही हैं। उनका आरोप है कि मुंबई के घाटकोपर स्थित ससुराल में पति और परिजनों ने उन्हें घर से निकाल दिया और दोनों बेटियों को अपने पास रख लिया। मिनी ने दावा किया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें अपनी बेटियों से मिलने या बात करने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने और बेटियों से जल्द मिलवाने की मांग की है।

पति पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिनी सूद ने आरोप लगाया कि उनके पति आदर्श सूद, जेठ और जेठानी ने उनके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की। उन्होंने घर में तोड़फोड़ करने और जान से मारने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

2022 में पिता से मिलवाने बेटियों को ले गई थी मुंबई
मिनी सूद के अनुसार, उनकी बड़ी बेटी प्रिशा (15 वर्ष) और छोटी बेटी दिविदा (9 वर्ष) 16 मार्च 2022 तक उनके साथ इंदौर में रहती थीं और सत्यसांई स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं। मिनी का अपने पति से लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। बच्चों का अपने पिता के प्रति लगाव देखते हुए वह उन्हें मुंबई में पिता से मिलवाने ले गई थीं। लेकिन वहां पहुंचने पर उनके पति ने दोनों बेटियों को अपने पास रख लिया और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।

पुलिस और प्रशासन से नहीं मिली मदद
मिनी सूद का कहना है कि शुरुआती बातचीत के बाद उन्हें लगा था कि विवाद का समाधान हो जाएगा, लेकिन जब वह बेटियों को वापस लेने मुंबई पहुंचीं तो पता चला कि उनका परिवार वहां से जा चुका है। उन्होंने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद इंदौर में भी अधिकारियों को आवेदन दिया। पुलिस द्वारा लोकेशन ट्रैक करने पर परिवार के नागपुर में होने की जानकारी मिली, लेकिन वहां भी बेटियां नहीं मिलीं।

हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हो रही मुलाकात
मिनी सूद ने बताया कि उन्होंने पहले हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट में कस्टडी से जुड़े मामले की सुनवाई शुरू होने पर उन्होंने पूर्व याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने उन्हें हर 15 दिन में बेटियों से मिलने का अधिकार दिया था।
उन्होंने दावा किया कि पहली मुलाकात के दौरान दोनों बेटियां रो रही थीं, लेकिन सुनवाई के बाद उनके पति उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। इसके बाद से उन्हें अपनी बेटियों से मिलने का अवसर नहीं मिला।

फोन पर बात भी नहीं हो पा रही
मिनी सूद ने कहा कि उन्हें कोर्ट से जानकारी मिली कि उनकी एक बेटी का एक्सीडेंट हो गया है। अदालत ने फोन पर बातचीत कराने के निर्देश भी दिए, लेकिन अब तक उनसे बात नहीं कराई गई। साथ ही यह आरोप भी लगाया कि उनके पति बच्चों को मानसिक रूप से उनसे दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है और उन्होंने जल्द से जल्द अपनी बेटियों से मिलने की मांग दोहराई है।