
भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और सामाजिक चेतना को अपने जीवन का मूल उद्देश्य मानने वाले अंकित तिवारी आज युवाओं के बीच एक उभरते हुए सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। सरल स्वभाव, स्पष्ट विचारधारा और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें उन युवा चेहरों में शामिल कर दिया है, जो केवल सपने नहीं देखते बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारने का साहस भी रखते हैं।
15 सितम्बर 1999 को उत्तर प्रदेश में जन्मे अंकित तिवारी का प्रारंभिक जीवन भारतीय संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों के बीच बीता। बाद में उनका परिवार मध्यप्रदेश में आकर बस गया, जहाँ से उनके सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की वास्तविक शुरुआत हुई। कृषि और सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले अंकित तिवारी ने बचपन से ही संघर्ष, अनुशासन और ज़िम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। उनके पिता श्री ओमप्रकाश तिवारी निजी क्षेत्र में कार्यरत रहे, जबकि उनकी माता गृहिणी रहीं। परिवार में तीन बहनों के इकलौते भाई होने के कारण उन्होंने पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभाया।
शिक्षा के क्षेत्र में अंकित तिवारी ने वाणिज्य विषय में स्नातक (B.Com) करने के पश्चात् विधि स्नातक (LLB) की शिक्षा वर्ष 2024 में पूर्ण की। शिक्षा के साथ-साथ उनका झुकाव सामाजिक कार्यों, छात्र नेतृत्व और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों की ओर बढ़ता गया। छात्र जीवन से ही उन्होंने युवाओं के मुद्दों को समझने और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभानी प्रारंभ कर दी थी।
राजनीतिक एवं छात्र जीवन में अंकित तिवारी ने विशेष रूप से युवाओं के संगठन और नेतृत्व निर्माण पर कार्य किया। वे राष्ट्रीय छात्र परिषद् में इंदौर जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने छात्र हितों, युवा नेतृत्व और संगठन विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त उन्होंने अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज रजि (छात्र परिषद्)के मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय कार्य किया, जहाँ सामाजिक समरसता, संगठन विस्तार, युवाओं को जोड़ने तथा समाजहित के अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् एवं विभिन्न राष्ट्रवादी और सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे हैं, जहाँ उन्होंने संगठनात्मक कार्यों और जनजागरण अभियानों में सक्रिय योगदान दिया।

सामाजिक क्षेत्र में भी अंकित तिवारी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे एसपीओआर फ़ाउंडेशन नामक संस्था के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, तकनीकि जागरुकता और सामाजिक उत्थान के कार्यों से जुड़े हुए हैं। उनका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और सामान्य वर्ग की महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। वे मानते हैं कि यदि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, तकनीक और अवसर पहुँच जाएँ, तो भारत विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बन सकता है।
श्री तिवारी लगातार समाज जागरण के कार्य जैसे एक पेड़ माँ के नाम में 1100 पेड़ लगवाना, रक्तदान कैम्प आयोजित करना, गौसेवा, महिला साक्षरता, ग़रीब विद्यार्थियों के लिए यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग संचालित करवाना, इत्यादि कार्य कर रहे हैं। नशे में डूब रहे युवाओं को सुधारने की दिशा में भी अंकित लगातार कार्यरत हैं। अब तक श्री तिवारी को मातृभाषा उन्नयन संस्थान इत्यादि संस्थाओं ने भी सम्मानित किया है।
अंकित तिवारी आज उन युवाओं में शामिल हैं जो सामाजिक परिवर्तन, युवा जागरुकता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे मानते हैं कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में कार्य करे तो देश की तस्वीर और तक़दीर दोनों बदली जा सकती हैं।