जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण…रपट पर ना तो रेलिंग है और ना ही संकेतक।

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जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण

रपट पर ना तो रेलिंग है और ना ही संकेतन

राजेश चौहान
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बदनावर – बदनावर जनपद पंचायत की अंतिम छोर की गोकुल ग्राम पंचायत बोरदी सहित मजरे खराडीपाडा , खेडी , मनासा , भरभुंजी पिपलीपाड़ा लगभग 13 गाँवो के ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर बागेड़ी नदी पार करनी पड़ती है वही की बार गम्भीर बीमार हो जाने पर व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है अधिक जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तारा घाटी के घने जंगल व उबड़ खाबड़ रास्ते से घन्टो की मशक्कत कर दोतरिया पहुँच कर अपने ग्रतव्य तक पहुचना पड़ता है
वही नदी की रपट पर नाही कोई संकेतन है और ना रेलिंग है जिसके चलते ग्रामीण बेखोफ अपनी जान जोखिम में डालकर रपट पार करते है ग्रामीणों का कहना है कि क्या करें कोई बीमार हो जाता है तो उसका इलाज के लिए एवं आवश्यक सामग्री लाने के लिये तो जाना ही पड़ता वही हमे भी हमेसा भय बना रहता है कि कई नदी पार करते समय तेज पानी का बहाव न आजाए जब तक नदी पार नहीं हो जाते सांसे हलक में अटकी हुई रहती हैं कई बार यहा कुछ आधिकारी आए और देख कर चले गए किन्तु आज तक ना तो रेलिंग लगाई गई और ना ही पुलिया निर्माण
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज वर्षो से सभी नदी नाले उफान पर है जिसके चलते पाना में जुगाड़ की पुल पार करते हुए एक व्यक्ति ने जान गवाए थी और बदनावर में भी एक बालक रपट पार करते वक्त बह गया था और जान से हाथ धोना पड़ा था
इतने हादसों के बाद भी प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है

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