शताब्दी वर्ष में मालवा प्रांत के 100% गाँव-मोहल्लों और 90% घरों में पहुंचा संघ

टूटेगा प्रान्त- बनेंगे संभाग, संघ में हुए संरचनात्मक बदलाव

पत्रकार वार्ता में दी गई प्रतिनिधि सभा की जानकारी

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक हरियाणा में पानीपत के निकट समालखा में 13-15 मार्च को संपन्न हुई। बैठक में पूरे देशभर से 1438 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में अखिल भारतीय कार्यकारिणी, क्षेत्र और प्रांत टोली, कार्यविभागों के प्रांत और क्षेत्र प्रमुख, विभाग प्रचारक, विभागों से निर्वाचित प्रतिनिधि और विविध संगठनों के अखिल भारतीय स्तर के अध्यक्ष, सचिव एवं संगठन मंत्री सम्मिलित होते है।बैठक में संघ के कार्य विस्तार, कार्य दृढ़ीकरण के साथ ही संघ स्थापना के शताब्दी वर्ष में संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में समाज का अपार स्नेह और समर्थन संघ को प्राप्त हुआ।

कार्यविस्तार
वर्तमान में देश के 924 जिलों के 6602 खंडों में से 6127 खंड शाखायुक्त है। इस वर्ष शाखायुक्त मंडलों की संख्या में 1535 की वृद्धि हुई, वर्तमान में 32,305 मंडल तथा 2523 नगर शाखायुक्त है। देशभर में कुल 55,683 स्थानों पर 40,800 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखा सहित कुल 88,949 शाखा है। कार्यकर्ताओं द्वारा 32,606 साप्ताहिक मिलन एवं 13,211 संघ मंडली संचालित की जा रही है। देशभर में 38,081 सेवाबस्तियों में से 9576 शाखायुक्त सेवाबस्तियाँ है। मालवा प्रांत में कुल 3,292 स्थानों पर 527 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखा सहित कुल 5,049 शाखा है। इस वर्ष प्रांत में 150 विद्यार्थी शाखाओं में वृद्धि हुई। प्रांत में 1961 साप्ताहिक मिलन चल रहे है। मालवा प्रांत में 672 सेवा कार्य युक्त एवं 299 शाखा युक्त सेवाबस्तियाँ है।

प्रशिक्षण वर्ग
                 इस सत्र में कुल 919 प्राथमिक वर्गों में 40,392 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। इसी प्रकार देशभर में कुल 105 संघ शिक्षावर्ग और कार्यकर्ता विकास वर्गों में 21,526 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। मालवा प्रांत में 25 प्राथमिक वर्गों में 1712 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए और 331 स्थानों से 551 कार्यकर्ता संघ शिक्षा वर्गों में सम्मिलित हुए।

गृह संपर्क
अधिकाधिक घरों तक संघ की सौ वर्षों की यात्रा, संघ कार्य का परिचय और पंचपरिवर्तन के विषय को पहुँचाने हेतु गृहसम्पर्क अभियान चलाया गया। अभी तक 37 प्रांतों के 3,89,465 ग्रामों और 31,143 बस्तियों के 10 करोड़ से अधिक घरों पर संपर्क हो चुका है। अभी 11 प्रांतों में गृह संपर्क चल रहा है। मालवा प्रांत में 1359 मंडलों और 969 बस्तियों में लगभग 82 हज़ार से अधिक कार्यकर्ताओं की टोलियों ने 32 लाख परिवारों में संपर्क किया। मालवा प्रांत के सभी 12246 गांवों और शत प्रतिशत मोहल्लों में कार्यकर्ता गृह संपर्क के लिए पहुंचे।* गृह संपर्क में नगरीय क्षेत्रों में संघ की सौ वर्ष की यात्रा और समाज परिवर्तन में अपनी भूमिका से संबंधित पत्रक और पुस्तक तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्र और पत्रक का वितरण भी किया। सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबालेजी इंदौर में गृह संपर्क में सम्मिलित हुए।

विशेष संपर्क
देशभर में और मालवा प्रांत में विशेष संपर्क अभियान आगे भी जारी रहेगा। संघ से सहमत और असहमत दोनों तरह के महानुभावों से भेंट होगी। जिन विषयों पर वे सहमत होंगे, हम मिलकर काम करेंगे।

हिंदू सम्मेलन
हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता व संगठित शक्ति, धर्म जागरण और पंच परिवर्तन को आचरण में लाने के उद्देश्य से स्थानीय समाज की आयोजन समितियों के द्वारा 37 प्रांतों  37,048 मंडल और बस्तियों में आयोजित हिंदू सम्मेलनों में साढ़े तीन करोड़ लोग सम्मिलित हुए। मालवा प्रांत में हिंदू सम्मेलनों के पूर्व 3762 स्थानों पर प्रभात फेरियां प्रारंभ हुई, 2867 महिलाओं की बैठकों 8689 मोहल्ला बैठकों और 3129 कलश यात्रा, रामधुन और सुंदरकांड के  आयोजन संपन्न हुए। मालवा प्रांत में 1355 मंडल और 940 बस्तियों में आयोजित हिंदू सम्मेलनों में 70  लाख से अधिक समाजजन सम्मिलित हुए। नागालैंड, मणिपुर, अंडमान-निकोबार तथा बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण स्थानों में भी हिंदू सम्मेलनों के कार्यक्रम संपन्न हुए।

सामाजिक सद्भाव बैठक
सामाजिक और धार्मिक नेतृत्व में सामंजस्य एवं परस्पर सहयोग, दुर्बल समूहों के अभाव के निराकरण के उद्देश्य से सामाजिक सद्भाव बैठकों आयोजन खंड एवम नगर स्तर पर किया गया। मालवा प्रांत में 181 सामाजिक सद्भाव बैठकों में 10,840 समाज प्रमुख सम्मिलित हुए। इन बैठकों  में बड़ी संख्या में महिलायें भी सम्मिलित हुई। अगस्त माह में मालवा प्रांत के 111 समाजों के 284 समाज प्रमुखों से पूजनीय सरसंघचालकजी का संवाद हुआ।

प्रमुख जन गोष्ठी
संघकार्य, हिंदुत्व, वर्तमान परिस्थिति में अपनी भूमिका तथा पंच परिवर्तन आदि विषयों की वैचारिक स्पष्टता और दायित्व जागरण की दृष्टि से प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन आगामी अप्रैल माह किया जावेगा। इसी क्रम में पूजनीय सरसंघचालकजी के दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में व्याख्यानमाला और जिज्ञासा समाधान के कार्यक्रम संपन्न हुए। इन कार्यक्रमों में 40 से अधिक देशों के राजनायकों सहित समाज की विभिन्न श्रेणियों के 4777 प्रभावी जन सम्मिलित हुए। इंदौर में नवंबर माह में प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित की गयी थी, जिसमे मालवा प्रांत के 800 से अधिक समाजजनों को सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मालवा प्रांत में आगामी अप्रैल माह में नगर एवं खण्ड स्तर पर 135 प्रमुख जन गोष्ठियां आयोजित की जावेंगी।

युवा कार्यक्रम
युवा पीढ़ी में राष्ट्र बोध, संगठन स्वभाव एवं समाज परिवर्तन के प्रयत्न की वृद्धि के उद्देश्य से युवा संगम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मालवा प्रांत में शताब्दी वर्ष में 311 परिसर व्याख्यान और 179 युवा संगम सहित अन्य युवा केंद्रित कार्यक्रमों में 1,88,144 युवाओं की सहभागिता रही। युवा आयाम ने इस वर्ष समर्थ राष्ट्र दौड़, युवा महोत्सव, युवा संसद, जिला युवा शिविर और यंग थिंकर्स कॉन्फ्लुएंस और यंग एंटरप्रेन्योर फोरम के माध्यम से युवा नेतृत्व, युवा उद्यमी, अध्ययनशील युवाओं के बीच संघ और राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श किया।

विजयादशमी उत्सव
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में शताब्दी वर्ष में संपन्न कार्यक्रमों की संख्यात्मक और अनुभूति की दृष्टि से समीक्षा हुई। देशभर में संपन्न 62,555 उत्सवों में 32,45,141 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सम्मिलित हुए। मालवा प्रांत में 1489 विजयदशमी उत्सवों मे गणवेश में 4,05,075 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए।

भौगोलिक रचना परिवर्तन
कार्यविस्तार के फलस्वरूप कार्य संचालन और निर्णय प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से संघ की  भौगोलिक रचना में कुछ परिवर्तन किए गए है। नई भौगोलिक रचना में देश में नौ क्षेत्र और 85 संभाग होंगे। वर्तमान प्रांत व्यवस्था के स्थान मार्च 2027 से संभाग रचना कार्यरूप में प्रभावी होगी। मार्च 2027 तक वर्तमान प्रांत व्यवस्था यथावत कार्य करती रहेगी। संभाग और क्षेत्र रचना के बीच विविध आवश्यक सामाजिक विषयों और समस्या के चिंतन, योजना और कार्यान्वयन हेतु प्रदेश कार्यसमिति रहेगी। वर्तमान मालवा प्रांत के स्थान पर मार्च 2027 से दो संभाग उज्जैन और इंदौर संभाग की रचना रहेगी। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन अब से प्रति तीन वर्ष में एक बार आयोजित किया जावेगा।

संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदासजी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर सरकार्यवाहजी का वक्तव्य
प्रतिनिधि सभा में संत शिरोमणि रविदासजी महाराज जी के प्राकट्य के 650 वें वर्ष में माननीय सरकार्यवाह जी ने वक्तव्य जारी किया। वक्तव्य में संघ की ओर से संत शिरोमणि सद्गुरु रविदासजी को श्रद्धासुमन अर्पित कराते हुए भक्ति जागरण, सात्विक आचरण, सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव उन्मूलन तथा  समरस समाज के
दृढ़ीकरण में उनके कृतित्व का स्मरण किया गया है। संघ ने श्री रविदासजी के जीवन संदेश के मर्म को समझ कर, देश की एकता और समरसता के कार्य के संकल्प का आह्वान किया है।

स्वयंसेवकों द्वारा समाज परिवर्तन के सकारात्मक प्रयास
पंजाब में पिछले तीन वर्ष से नशा मुक्ति के लिये एक लाख से अधिक विद्यालय और महाविद्यालयों में नशा-मुक्ति का संकल्प कराया गया। धार्मिक नेतृत्व, साधु-संतों, कथावाचकों और डेरा प्रमुखों के साथ मिलकर व्यक्तिगत और सामाजिक समस्या नशे के विरुद्ध जनजागरण चल रहा है।
          कर्नाटक में हिंदू जागरण मंच द्वारा नशा मुक्ति के लिये 23 जिलों में 281 स्थानों पर रथयात्रा निकाली गयी। लड़कियों में नशे के विरुद्ध चेतना जागृत करने के उद्देश्य से मणिकर्णिका दौड़ का आयोजन किया गया। बजरंग दल ने नशा मुक्ति के लिये खिलाड़ियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और नारकोटिक्स अधिकारियों और संतों के मिलकर 5600 से अधिक जनजागरण के कार्यक्रम किये।
              केरल में महामाघ महोत्सव, तमिलनाडु में कार्तिकदीपम और त्रिपुरा में जनजातीय समुदाय में जन्माष्टमी रथयात्रा द्वारा समाज में धार्मिक चेतना जागरण के कार्य में भी स्वयंसेवक लगे है। उत्तराखंड में परंपरागत कार्य करने वाले एवं श्रमजीवी कार्य करने वाली जातियों जैसे ढोल-सागर बजाने वाले, औषधियों की पहचान करने वाले, डोली-उपासक, मंत्रोपासक आदि का सम्मान एवं सम्मेलन द्वारा परंपरागत कौशल के सरंक्षण के अभिनव प्रयास किये जा रहे है। देशभर में इस वर्ष सवा लाख कुटुंब मित्र तथा लगभग ढाई लाख हरित घर बनाये गये। जनजाति क्षेत्र, नशा मुक्ति, शैक्षिक परिसर, घुमंतू जातियों, उद्योग, शिक्षा आदि क्षेत्रों में स्वयंसेवकों और विविध संगठनों द्वारा सकारात्मक और परिश्रमपूर्ण कार्य किए जा रहे है।

           प्रतिनिधि सभा में मणिपुर की स्थिति में तेजी से होते सुधार, नक्सलवाद से मुक्त होते बस्तर के साथ ही पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। *श्री गुरुतेग बहादुरजी के बलिदान के 350 वें वर्ष में पूरे देश में स्वयंसेवकों ने दो हज़ार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये, जिनमें सात लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए।* अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के समक्ष विभिन्न प्रांतों में संगठन एवं समाज परिवर्तन की दृष्टि से किए गए सफल और अनुपम प्रयोगों तथा समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 38 संगठनों के विशेष कार्यों का वृत्त निवेदन भी हुआ।

कार्यकारी मंडल बैठक
इस वर्ष की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आगामी अक्टूबर-नवंबर माह में इंदौर में होगी। इस बैठक में अखिल भारतीय  कार्यकारिणी सहित देश के सभी प्रांतों से 450 कार्यकर्ता आयेंगे।