माँ चामुण्डा-माँ तुलजा भक्त मंडल की वृहद बैठक का आयोजन विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में हुए उपस्थित 7 अप्रैल रविवार को होगी पर्वत परिक्रमा

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माँ चामुण्डा-माँ तुलजा भक्त मंडल की वृहद बैठक का आयोजन विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में हुए उपस्थित 7 अपै्रल रविवार को होगी पर्वत परिक्रमा देवास। नगर की शान, परम्परा एवं पहचान बन चुकी चैत्री नवरात्रि पर्वत परिक्रमा के इस वर्ष आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं मेें भारी उत्साह है। माँ चामुण्डा एवं माँ तुलजा भक्त मण्डल द्वारा आयोजित पर्वत परिक्रमा छटे वर्ष में प्रवेश कर रही है। पर्वत परिक्रमा एवं तैयारियों को लेकर हुई वृहद बैठक में नगर के 250 संगठनों के 700 पुरूष एवं महिलाओं ने भाग लेकर इस आयोजन का दिव्य शंखनाद किया। प्रमिला राजे परिसर में हुई बैठक में नगर के विभिन्न धार्मिक, अध्यात्मिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने भाग लेकर आयोजन को भारत भर में लोकप्रिय बनाने हेतु कई सुझाव दिए। सभी ने एक स्वर में स्वच्छ देवास को देशभर में स्वच्छता में 10 वां नम्बर प्राप्त होने पर पर्वत परिक्रमा को भी स्वच्छ एवं अनुशासित बनाने पर जोर दिया। दुर्गेश अग्रवाल के नेतृत्व में निकलने वाली इस पर्वत परिक्रमा में साल दर साल श्रद्धालुओं की बढोतरी हो रही है। विगत वर्ष इस परिक्रमा में 20 हजार श्रद्धालु जुड़े जिसमें इस वर्ष और भी ज्यादा श्रद्धालुओं के बढऩे का अनुमान है। श्रद्धालुओं ने कहा कि देवास नगर के पक्षी चहचहाते हुए प्रतिदिन बड़ी संख्या में माँ के पर्वत की परिक्रमा करते हैं उसके पश्चात ही अपने घोसलों की और बढ़ते हैं, यह नजारा प्रतिदिन शाम को टेकरी पर्वत पर देखने को मिलता है। हम नगरवासियों का भी सौभाग्य होगा कि हम भी माँ के पर्वत की परिक्रमा करें। जैन संतों के अनुसार दैवीय शक्ति के दरबारों की परिक्रमा से हमारे संसार एवं जन्म मरण का परिभ्रमण दूर होता है। पं. अजय शास्त्री ने कहा कि परिक्रमा से मनवांछित की प्राप्ति एवं पुण्य संचय होता है। विभिन्न समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्टाल पर प्रसादी के साथ डस्टबीन एवं कचरा समेटने के लिए वाहन भी चलाया जाए। परिक्रमा से बच्चों एवं युवाओं को जोडने की बात कही गई, महिलाओं के केशरिया एवं पुरूषों के लिए सफेद वस्त्र धारण करने पर जोर दिया गया। भजनों के वाहन के अलावा राष्ट्र भक्ति की प्रस्तुत करने वाली झाकी भी आकर्षण का केन्द्र रहेगी। बिना कोई संयोजक, अध्यक्ष, आयोजक के पांच वर्ष पूर्व प्रारंभ हुई परम्परा आज भी कायम दुर्गेश अग्र्रवाल ने बताया कि गिरिराज, कामतगिरी, गिरनारजी, कैलाश मानसरोवर एवं पालीताणा सिद्धाचल आदि पवित्र पर्वतों की होने वाली परिक्रमा के ही अनुसार देवास में विराजित माँ चामुण्डा एवं माँ तुलजा भवानी के पवित्र पर्वत की परिक्रमा की जा रही है।  कार्यक्रम की कोई आयोजन समिति नहीं है और ना ही कोई संयोजक व अध्यक्ष है। माँ के भक्त इस आयोजन में निस्वार्थ सेवा प्रदान करते हैं। शिक्षण संस्थाएं बसें उपलब्ध कराती है। मीडिया प्रभारी विजय जैन के अनुसार बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष यह परिक्रमा चैत्री नवरात्रि के दूसरे दिन 7 अपै्रल रविवार को निकाली जाएगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि देवकृष्ण व्यास, शशिकांत यादव, विजय पंडित, ब्रह्मकुमारी प्रेमलता दीदी, हेमलता दीदी, अरूणा सोनी, आनंद कोठारी, ओम जोशी, शैलू मोरे, श्रवण जायसवाल, संजय शुक्ला, परवेज विनर, जुबेर लाला, राधेश्याम सोनी, दीपसिंह जुनेजा, वरूण अग्रवाल, शैलेन्द्र चौधरी, अशोक पायलेट, राधेश्याम अग्रवाल, जुगनु गोस्वामी, पंकज घारू, लीलाधर प्रजापति, ईश्वरसिंह बरखेडी, चेतन उपाध्याय, विपुल अग्रवाल, राम यादव, अशोक सहारा, देवेन्द्र बंसल, संजय महाजन, हेमराज पहलवान, श्याम शर्मा, राकेश गुप्ता, रमेश व्यास, रमेश शर्मा, रजनीश पोरवाल, जगदीश चौधरी, देवेन्द्र पंडित, दीपक जैन, रिंकेश जैन, बाबू यादव, सुशील कुुमार पाण्डे, श्याम दीक्षित, सुरेन्द्र राठौर, विशाल यादव, विशाल अग्रवाल,दिवाकर बोडखे,प्रकाश पंवार, शशिकांत वझे, प्रकाश गुप्ता,देवकरण शर्मा, अमित पंडित, नरेन्द्र मूंदड़ा, प्रदीप माहेश्वरी, कल्याण भूतड़ा, वीणा महाजन, ज्योति चितले, मनीषा बापना, मंजुबाला जैन, विनिता व्यास, शोभा नायक, अनीता राजपूत, नीतू जाधव, चेतना राठौर, मनोरमा सोलंकी, पुष्पलता सोनगरा, प्रिया शर्मा, राखी झालानी, नमिता मजूमदार, सावित्री चौधरी, वैशाली अग्रवाल आदि सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन भजन गायक द्वारका मंत्री ने किया तथा आभार भरत चौधरी ने माना। 

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