
पत्रकार वार्ता में बोले कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार।
भागीरथपुरा पहुंचकर पीड़ित परिवारों से की मुलाकात।
अस्पतालों में जाकर दूषित पेयजल से बीमार लोगों से भी मिले।
इंदौर : मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा के साथ भागीरथपुरा पहुंचे। उन्होंने दूषित पेयजल से अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने एमवायएच और चाचा नेहरू अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में जाकर दूषित पेयजल से प्रभावित मरीजों से भी भेंट की और उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। बाद में वे इंदौर प्रेस क्लब पहुंचे और पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा की घटना कोई आकस्मिक नहीं लबे समय से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाही, देरी और संवेदनहीन शासन का नतीजा है। उन्होंने घटना के लिए महापौर व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा की घटना को देखते हुए रहवासी संघों के जरिए पूरे इंदौर शहर में पानी का वाटर ऑडिट करवाया जाना चाहिए। पत्रकार वार्ता में उमंग सिंघार के साथ वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा, विधायक सचिन यादव और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी मौजूद रहे।
इंदौर की स्वच्छता पर खड़ा किया सवाल।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की स्वच्छता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि शहर को आठ बार स्वच्छता का पुरस्कार मिला है। अधिकारी कैसे स्वच्छता का पुरस्कार ला रहे हैं यह इंदौरवासियों ने देखा है। अगर इंदौर वाकई स्वच्छ होता तो यहां का पानी भी स्वच्छ होता और भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से जनहानि जैसी घटना नहीं होती।
तीन साल तक टेंडर जारी नहीं किया।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि नवंबर 2022 में एमआईसी ने भागीरथपुरा में नई पेयजल लाइन बिछाने का प्रस्ताव पारित किया। जनवरी 2023 में यह प्रस्ताव संबंधित विभागों को भेजा गया, बावजूद इसके ढाई साल तक इसपर कोई काम नहीं हुआ। जुलाई 2025 में जाकर 02.4 करोड़ का टेंडर जारी किया गया। 06 फर्मों ने आवेदन भी किए। इसके बाद भी 05 माह तक प्राप्त टेंडरों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस देरी और लापरवाही के चलते दूषित पेयजल त्रासदी घटित हो गई। कतिपय अधिकारियों पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। राजनीतिक पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मृतकों के परिवारों को मिले एक करोड़ का मुआवजा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर के भगीरथपुरा वार्ड क्रमांक-11 में पेयजल में सीवेज मिलने से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य संकट पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई इस त्रासदी में अब तक 16 से अधिक नागरिकों की मौत, सैकड़ों लोगों की गंभीर बीमारी और हजारों नागरिकों के प्रभावित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि 2 लाख की सहायता राशि किसी की जान की कीमत नहीं हो सकती। यह मुआवज़ा नहीं, बल्कि सरकार का जवाबदेही से बचने का प्रयास है। मृतक के परिजनों को 1 करोड़ तक मुआवजा मिलना चाहिए। ज्यादातर पीड़ित परिवार गरीब और मजदूर वर्ग से हैं, जो बीमार होने के कारण रोजगार से भी वंचित हो गए। क्या सरकार उनकी मजदूरी की भरपाई कर पाएगी।
बीजेपी ने इंदौर को सिर्फ उपेक्षा, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का दंश दिया।
उन्होंने कहा कि माँ अहिल्या की नगरी इंदौर ने भाजपा को हर स्तर पर समर्थन दिया। संसद, सारे विधायक, नगर निगम और सत्ता का पूरा भरोसा। लेकिन बदले में भाजपा ने इंदौर को सिर्फ़ उपेक्षा, अव्यवस्था, धोखा और संवेदनहीन शासन दिया। इतने बड़े जनादेश के बावजूद बीजेपी सरकार और निगम परिषद, नागरिकों को सुरक्षित पेयजल तक उपलब्ध नहीं करवा सकीं। मंत्रियों द्वारा पीड़ितों के सवालों पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने इंदौर शहर में व्याप्त मूलभूत समस्याओं, अव्यवस्थित प्रशासन और भाजपा सरकार के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इंदौर में एक नया सिस्टम चालू हो गया है कि सड़के खोदो, नए टेंडर लाओ, पेवर्स निकालो फिर नया पेवर्स लगाओ। भ्रष्टाचार के नित नए तरीके खोजे जा रहे हैं।
नगर निगम में सामने आ रहे करोड़ों के घोटाले।
उमंग सिंघार ने कहा कि जनता टैक्स दे रही है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की निगम परिषद करोड़ों के घोटाले कर रही है। 2012 में सवा 100 करोड़ का ड्रेनेज घोटाला हुआ। कागजों में एक दिन में पांच किलोमीटर की ड्रेनेज लाइन डल गई। 24 घंटे में ड्रेनेज लाइन कैसे डल सकती है? ये सोचने वाली बात है। करोड़ों रुपए का फर्जी बिल घोटाला इसी बीजेपी की निगम परिषद में हुआ। जनता के टैक्स की राशि को घोटालों की भेंट चढ़ रही है।
महापौर के दफ्तर में लगी है नोट गिनने की मशीन।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव के दफ्तर में नोट गिनने की मशीन लगी है।उन्होंने सवाल किया कि क्या ठेकदारों से वसूली राशि इससे गिनी जा रही है..? सिंधार ने बीजेपी पार्षदों पर जमकर माल कमाने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि कतिपय पार्षद आलीशान घरों में रहकर लग्जरी जीवन जी रहे हैं। उन्होंने इस मामले में मनीष शर्मा मामा का नाम भी लिया।
हर मामले में इंदौर के साथ छलावा।
उमंग सिंघार ने बीजेपी की प्रदेश सरकार और निगम परिषद पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने हर मामले में इंदौर के साथ छलावा किया है। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी ट्रैफिक जाम मैं फंसी है।राऊ का 47 करोड़ की लागत से बना फ्लाईओवर चंद महीनों में ही क्षतिग्रस्त हो गया। सड़कों के हाल बेहाल हैं। वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। बीजेपी के शासनकाल में प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
महापौर – नगरीय प्रशासन मंत्री इस्तीफा दे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भागीरथपुरा की घटना के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उनका कहना था कि केवल अधिकारियों को हटाने से काम नहीं चलेगा। बड़े राजनीतिक पदाधिकारियों के खिलाफ भी मुख्यमंत्री मोहन यादव को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इंदौर की जनता की लड़ाई पूरे दमखम के साथ लड़ रही है। जनता को भी आगे आकर बीजेपी सरकार और निगम परिषद से सवाल कर जवाब तलब करना चाहिए।