संत-महात्माओं के सानिध्य में दिखी सनातनी एकता की झलक,नालछा में हुआ विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन

6 हजार से अधिक हिंदू-बंधु और मातृशक्ति कार्यक्रम में हुए शामिल,समरसता भोज में एक साथ भोजन प्रसादी भी ग्रहण की

धीरज शर्मा

नालछा । राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष की पावन बेला पर सकल हिंदू समाज के द्वारा नालछा में नरसिंह मंदिर परिसर (सीताफल मंडी मैदान) पर विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन रविवार को किया गया। संत महात्माओं के सानिध्य और करकमलों से सर्वप्रथम भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिविधानपूर्व शुभारंभ किया गया। मंच पर श्री श्री 1008 श्री राजेंद्र पूरीजी महाराज,(श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर(जुग्गा),नालछा),श्री श्री बालमकुंद पूरीजी महाराज(शनि मंदिर नालछा),श्री श्री 108 श्री प्रेमदासजी महाराज (नीतू बाबा),सर्वेश्वर धाम बरखेड़ा,श्री श्री हरिहर महाराज (तीन गुमची हनुमान मंदिर,मांडव),श्री श्री लक्ष्मण गीरिजी महाराज (माधव कुटी,नालछा), श्री श्री झुन झून महाराज(श्री राम पालकी धाम,नालछा), कारसेवक श्री सीतारामजी भाभर,श्री श्री सुरेंद्र पुरीजी महाराज (सिद्धेश्वर धाम,नालछा), श्री श्री विजय पुरीजी महाराज (सिद्धेश्वर धाम,नालछा),भागवताचार्य पंडित निर्मल इंदुरकर (श्री राम मंदिर राजबाड़ा चौक,नालछा) एवं पंडित गोपाल वैष्णव (कड़ कड़ घाटी हनुमान मंदिर,नालछा), साथ ही कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मालवा प्रांत कुटुम्ब प्रबोधन संयोजक महेश अग्रवाल व मुख्य महिला वक्ता के रूप में राष्ट्र सेविका समिति विभाग शारीरिक प्रमुख सुश्री अदिति सुगंधी और सभी समाजों के प्रमुख मंचासिन थे। सभी संत महात्माओं,समाज प्रमुखों और अतिथियों का आयोजन समिति के द्वारा दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। वही सांस्कृतिक कार्यक्रम में उमरपुरा और नालछा के भजन कलाकारों के द्वारा प्रस्तुति दी गई और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का गायन भी किया गया वही कलारीपयट्टू खेल के खिलाड़ियों द्वारा लट्ठ और तलवार से आकर्षक प्रस्तुति दी गई साथ ही गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादो के बलिदान पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम पश्चात उद्बोधन के क्रम में सर्वप्रथम भागवताचार्य पंडित निर्मल इंदुरकर ने उपस्थित सनातनी धर्मावलंबियों को मार्गदर्शित करते हुआ कहा की धर्म केवल एक है और वो सनातन धर्म है जो आदि अनादि काल से है,और अनंत काल तक रहेगा,हिंदू को किसी मत-पंथ,मंदिर-मठ,खान-पान,वेश-भूषा,रहन-सहन,रीति-रिवाज और किसी देवी-देवता तक ही सीमित नहीं किया जा सकता अपितु पूर्वजों के तप,अध्यन,अनुभव और चिंतन से बनी संस्कृति के अनुरूप आचरण ही हिंदुत्व है और यही जीवन दृष्टि हे।वही कवि पंकज प्रसून ने भी प्रभु श्री राम और सनातन धर्म पर आधारित स्वरचित रचनाओं की प्रस्तुति दी। वही महिला वक्ता सुश्री अदिति सुगंधी ने हमारे अपने दैनिक जीवन में स्वयं से प्रारंभ होकर,घर परिवार और समाज के लिए पांच विशेष कार्यों जिनमे प्रमुख रूप से स्व का बोध,नागरिक कर्तव्य,पर्यावरण संरक्षण,सामाजिक समरसता एवं कुटुम्ब प्रबोधन पर ध्यान देने और उनका अनुसरण करने के लिए समाज से आव्हान किया।वही कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महेश अग्रवाल ने उपस्थित हिंदू बंधु और मातृशक्ति को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक की 100 वर्षो की गौरव गाथा पर प्रकाश डालते हुए बताया की केसे नागपुर के एक छोटे से बाड़े से प्रारंभ हुई राष्ट्रनिर्माण की यह यात्रा कई प्रकार के संकटों और परेशानियों को चीरते हुए अपने शताब्दी वर्ष तक पहुंची है साथ ही उन्होंने बताया की स्वयं सेवकों के लिए मातृभूमि की सेवा से बड़कर कुछ नही होता,स्वयं सेवक मां भारती की सेवा को ही सर्वोपरि मानता है। वही कार्यक्रम पश्चात समरसता भोज का आयोजन किया गया जिसमे सभी हिंदू बंधुओ और मातृशक्ति ने भोजन प्रसादी ग्रहण की,इस दौरान मंडल मुख्यालय नालछा सहित उमरपूरा,बावड़ीपूरा,कुराडिया,लुन्हेरा, जीरापुरा, कागदीपूरा, कांकलपूरा, गुगली, बंगरेड, कछाल, गौमाल, आवलिया, चैनाल सहित आसपास के मजरा क्षेत्र से बड़ी संख्या में हिंदू बंधु और मातृशक्ति उपस्थित रही।

विशेषताएं..

कार्यक्रम में नालछा मंडल में निवासरत भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो चुके सैनिकों और वर्तमान में भारतीय सेना में सेवा दे रहे सैनिकों के पिता का आयोजन समिति ने मंच पर स्वागत व सम्मान किया गया

हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम स्थल पर हवन कुंड का निर्माण किया गया था जिसमे सामाजिक समरसता के उद्देश्य से सभी हिंदू बंधुओ और मातृशक्तियो ने आहुतियां दी

आयोजन को लेकर पूरे पांडाल में आकर्षक साज-सज्जा की गई थी,राम पालकी धाम के तपस्वी ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 श्री सर्वेश्वर दासजी महाराज के साथ महापुरुषों और क्रांतिकारियों के प्रेरणादायक चित्र लगाए गए थे

पूरे परिसर को भगवा पताका और भगवा लड़ियों से सजाया गया था जो आकर्षण का केंद्र रहा

परिसर में जैविक खेती को प्रदर्शित करते हुए प्रदर्शनी लगाई गई थी जिससे गौ आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने की प्रेरणा दी गई

मुख्य मंच पर नालछा मंडल में निवासरत सभी समाज के प्रमुखों की मोजुदगी रही,आयोजन समिति द्वारा सभी समाज प्रमुखों का स्वागत व सत्कार किया गया