भारत के पड़ोस में हो गया खेला! नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सरकार लेगी बड़ा फैसला?

8 Views
बीती 26 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद नेपाल के हिंदू संगठन सड़कों पर आ चुके हैं और हिंसक विरोध प्रदर्शन के साथ सरकार पर हिंदू राष्ट्र बनाने का दबाव बना रहे हैं। नेपाल में इस वक्त हर शख्स की एक ही आवाज है कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित करो। हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन पिछले दो दिनों में ज्यादा हिंसक हो चला है। सरकारी दफ्तरों में आग और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं आम हो चुकी है।

काठमांडू। नेपाल के अंदर इस वक्त जो भी हो रहा है उसने सबको चौंका दिया है क्योंकि इस बार नेपाल के अंदर आंदोलन देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए हो रहा है। नेपाल 240 साल तक हिंदू राष्ट्र रहा है। 2008 में राजतंत्र के अंत के साथ इसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना दिया गया था। अब फिर से इस विरासत को वापस बहाल करने के लिए नेपाल में नया आंदोलन खड़ा हो गया है। नेपाल में इसके लिए दम भर रहे प्रदर्शनकारी हिंसक होते जा रहे हैं और यह सब शुरू हुआ है हाल ही में कावड़ यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाजी के बाद। 26 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद नेपाल के हिंदू संगठन सड़कों पर आ चुके हैं और हिंसक विरोध प्रदर्शन के साथ सरकार पर हिंदू राष्ट्र बनाने का दबाव बना रहे हैं। नेपाल में इस वक्त हर शख्स की एक ही आवाज है कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित करो। हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन पिछले दो दिनों में ज्यादा हिंसक हो चला है। सरकारी दफ्तरों में आग और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं आम हो चुकी है।

मस्जिदों पर हमले किए जा रहे हैं। मुसलमानों की टोपियां जलाई जा रही हैं। जिसके चलते कई नेपाल में मौजूद मुस्लिम घुसपैठिए देश छोड़कर भाग रहे हैं। देवानगंज में हुई हिंसा के बाद नेपाल के संयुक्त हिंदू मोर्चे और दूसरे संगठनों ने नेपाल से घुसपैठियों को बाहर करने और संसद में हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव लाने की मांग कर रहे हैं। नेपाल के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन इतना हिंसक है कि लोग प्रदर्शनकारियों की आहट सुनते ही दुकानें बंद कर रहे हैं। सड़कों पर पुलिस की तैनाती जरूर है लेकिन इन्हें अभी शांति बरतने के निर्देश हैं। नेपाल सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री बालिन शाह ने साफ किया है कि हिंदू राष्ट्र के प्रस्ताव के नेपाल का वर्तमान संघीय व्यवस्था प्रभावित हो सकता है। हालांकि हालात खराब होता देखकर अब सरकार भी इस मुद्दे पर विचार कर रही है। चलिए आपको बताता हूं कि नेपाल कब से कब तक हिंदू राष्ट्र रहा है।

दरअसल आधिकारिक रूप से नेपाल सन 1768 से 2008 तक 240 साल हिंदू राष्ट्र था। 1768 में पृथ्वी नारायण शाह ने गोरखा साम्राज्य का विस्तार कर इसे हिंदू राष्ट्र घोषित किया। 1975 में राजा वीरेंद्र नेपाल को आधिकारिक रूप से हिंदू आधिराज्य दर्जा दिया। 2006 से 2008 तक जन आंदोलन और राजशाही के पतन के बाद अंतरिम संविधान पर बहस चली। मई 2008 में देश से राजतंत्र खत कर इसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना दिया गया। लेकिन अब 18 साल बाद नेपाल में वही बहस फिर से छिड़ गई है। क्या नेपाल को हिंदू राष्ट्र फिर से घोषित किया जाना चाहिए? प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जेंजी आंदोलन के साथ उन्होंने नेपाल की पुरानी सरकार का विरोध इसी भरोसे के साथ किया था कि नई सरकार हिंदू राष्ट्र का अपना वादा पूरा करेगी। लेकिन प्रधानमंत्री और पूरी कैबिनेट को डर है कि हिंदू राष्ट्र की मांग माने जाने के बाद संवैधानिक जटिलताएं और बढ़ जाएंगी।